मूत्र में एलबुमिन की उपस्थिति

हमारा उद्देश्य

हमारा उद्देश्य मूत्र में एलबुमिन की उपस्थिति का पता लगाना है।

सिद्धांत

एल्बुमिन लीवर द्वारा बनाए जाने वाला प्रोटीन है और मुख्य रूप से रक्त में पाया जाता है। इसका मुख्य कार्य अंत:शिरीय ऑनकॉटिक दबाव बनाए रखने की क्षमता है यानी यह रक्त वाहिकाओं के भीतर द्रव का दबाव स्थिर बनाए रखता है। यह रक्त में स्टेरॉयड, फैटी अम्ल और थायराइड हार्मोन के लिए वाहक प्रोटीन भी है।

श्वेतकमेह (एल्बुमिनयूरिया)

स्वस्थ गुर्दे मूत्र में एल्बुमिन नहीं जाने देते हैं। दैनिक सामान्य मूत्र में 250 मिलीग्राम से कम प्रोटीन की उपस्थिति पायी जाती है। श्वेतकमेह (एल्बुमिनयूरिया) जैसे रोग की स्थिति में, मूत्र में पाया जाने वाला एल्बुमिन का स्तर सामान्य स्तर से अधिक हो जाता है। श्वेतकमेह (एल्बुमिनयूरिया) से गुर्दे को हुए कुछ नुकसान का पता चलता है क्योंकि यह मूत्र में कुछ एल्बुमिन जाने देता है। गुर्दे की गड़बड़ी में और उच्च रक्तचाप की स्थिति में, मूत्र में एलबुमिन का स्तर काफी ऊंचा हेा जाता है।

हम हेलर परीक्षण और सल्फोसालीसाइलिक अम्ल परीक्षण का प्रयोग कर मूत्र में एलबुमिन की उपस्थिति का परीक्षण कर सकते हैं। हेलर परीक्षण से एल्बुमिन का तलछट बनता है और विलयन में सफेद छल्ले का निर्माण हेाता है। सल्फोसालीसाइलिक अम्ल के साथ गर्म करने या उपचारित करने पर एल्बुमिन जम जाता है और विलयन में सफेद मैल (गंदलापन) का निर्माण करता है।

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