पत्ते पर स्टोमेटा संबंधी वितरण

हमारा उद्देश्य

हमारा उद्देश्य पत्ती की ऊपरी और निचली सतहों पर स्टोमेटा संबंधी वितरण का अध्ययन करना और स्टोमेटा संबंधी सूचकांक की गणना करना है l

सिद्धांत

स्टो्मेटा गैसों का आदान-प्रदान नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल में आने वाला पौधों की पत्तियों और युवा शूटिंग की एपिडर्मिस पर पाया जाने वाला सूक्ष्म छेद होता है l यह छेद गार्ड कोशिकाएं कहलाने वाली विशेष कोशिकाओं की एक जोड़ी से घिरा होता है। गार्ड कोशिकाएं खुलने वाले मुख के आकार को नियमित करने के लिए जिम्मेदार होती हैं l

वाष्पोत्सर्जन नामक प्रक्रिया के माध्यम से जल वाष्प के रूप में पानी वातावरण में स्टोमेटा के माध्यम से मुक्त होता है l इस के अलावा, पत्ती में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का आदान-प्रदान भी स्टोमेटा के माध्यम से ही होता है l

स्टो्मेटा का वितरण

स्टो्मेटा का वितरण मोनोंकॉट और डाइकोट में, पौधों की प्रजातियों में और पौधे पर पत्तियों के नीचे और ऊपर की ओर अलग-अलग होता है l

उच्च प्रकाश, कम वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड सांद्रता और नम वातावरण में पनपने वाले पौधे की सतहों पर अधिक स्टोमेटा पाए जाते हैं l

आम तौर पर डाईकॉट पत्ती की निचली सतह में स्टोमेटा की संख्या अधिक होती है जबकि मोनोंकॉट पत्ती में ये कमोबेश दोनों सतहों पर बराबर होते हैं l ज्यादातर तैरने वाले पौधों में, स्टोमेटा केवल ऊपरी एपिडर्मिस पर पाया जाता है l

स्‍टोमेटा संबंधी सूचकांक

ऊपरी और निचली सतहों से पत्ती के छिलके निकालकर और माइक्रोस्कोप के नीचे इनका निरीक्षण करके पत्ती की ऊपरी और निचले सतहों पर स्टोमेटा के वितरण का अध्ययन किया जा सकता है l

माइक्रोस्कोपिक फील्ड  में स्टोमेटा और एपिडर्मल कोशिकाओं की संख्या की गिनती ली जाती है और निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग करके पत्ती के प्रत्येक सतह के स्टोमेटा संबंधी सूचकांक की गणना की जा सकती है:

स्‍टोमेटा संबंधी सूचकांक  =  (स्‍टोमेटा की संख्‍या / ( स्टोमेटा की संख्या +एपीडर्मल कोशिकाओं की संख्‍या )) *100

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